भारत को मिली कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी, अहमदाबाद में होगा आयोजन
भारत को 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी का अधिकार मिल गया है , जो 20 साल के अंतराल के बाद इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश की वापसी का प्रतीक है । इस घोषणा को ऐतिहासिक बताते हुए खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का खेल क्षेत्र तेज़ी से बदल रहा है।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों की आम सभा ने अहमदाबाद को खेलों की मेज़बानी के लिए हरी झंडी दे दी । इस घोषणा के बाद नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में एक विशाल समारोह का आयोजन किया गया।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने राजधानी में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। खेल मंत्री डॉ. मंडाविया , भारतीय ओलंपिक संघ के वरिष्ठ प्रतिनिधि, खेल सचिव, खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित थे। कई ओलंपियन, राष्ट्रमंडल पदक विजेता और पूर्व खिलाड़ी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
डॉ. मंडाविया ने कहा, 2030 राष्ट्रमंडल खेलों का 100वां वर्ष होगा। ऐसे ऐतिहासिक वर्ष की मेज़बानी करना हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है। मुक्केबाजी विश्व कप, हॉकी विश्व कप, विश्व पैरा एथलेटिक्स सहित कई प्रमुख आयोजनों की मेज़बानी करके, भारत ने खुद को दुनिया की शीर्ष अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेज़बानी के लिए तैयार साबित किया है।
उन्होंने आगे कहा, हम 2029 के विश्व पुलिस खेलों की भी तैयारी कर रहे हैं। ये सभी कदम 2036 के ओलंपिक की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं। खेलो इंडिया नीति और खेल प्रशासन अधिनियम भारत में बड़ा बदलाव लाएँगे। अगले 10 वर्षों में भारत शीर्ष 10 में और 2047 तक शीर्ष 5 में होगा।
इस बीच, आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, अहमदाबाद को 2030 शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी का अधिकार मिलना भारत के लिए गर्व का क्षण है। यह भारत की अपने खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करने की क्षमता का प्रतीक है।
भारत ने 2010 के नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में 38 स्वर्ण सहित 101 पदक जीते थे । इनमें से 30 पदक अकेले निशानेबाजी से आए थे। 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में, भारत ने 22 स्वर्ण सहित 61 पदक जीते । उस संस्करण में निशानेबाजी को शामिल नहीं किया गया था। अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करने वाला दूसरा भारतीय और तीसरा एशियाई शहर बन गया है।