Breaking News

अब जेल नहीं नशामुक्ति केंद्र भेजे जाएंगे ड्रग्स पीने वाले, कानून लाएगी केंद्र सरकार

28 Nov, 2021 730

संजय मिश्रा/in24न्यूज़

     भारत में नशे के सौदागरों  वजह से पूरा देश नशे की चपेट में आने लगा है। ड्रग्स या फिर नशीली दवाओं की गिरफ्त में फंसे लोगों को फिलहाल सुधरने का एक मौका देना चाहती है केंद्र सरकार ! यही कारण है कि अब इससे बाहर निकालने के लिए सरकार किसी तरह की सख्ती के बजाय सहानुभूति के पक्ष में है। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार मादक पदार्थों से जुड़े एनडीपीएस कानून में बदलाव की तैयारी में है। लोगों के पास अपने खुद के इस्तेमाल के लिए यदि सीमित मात्रा में ड्रग्स या नशीली दवाएं मिलती भी हैं तो उनके ऊपर अपराधियों जैसा कोई मामला दर्ज नहीं होगा और न ही उन्हें जेल होगी। इसके बदले उन्हें नशा मुक्ति केंद्र भेजा जाएगा। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने नशीली दवाओं के साथ पकड़े जाने वालों के खिलाफ जो कानून देश में पहले से मौजूद हैं उनमें बदलाव के लिए अहम सुझाव दिए हैं। 

 

               केंद्र सरकार द्वारा इन दिनों नशे के खिलाफ देशभर में छेड़ी गई जंग के बीच हर रोज कई तरह के खुलासे हो रहे हैं कई तरह की गिरफ्तारियां हो रही है बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों का जखीरा पकड़ा जा रहा है ड्रग्स माफियाओं के हौसले भी टूटते नजर आ रहे हैं।  केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने एनडीपीएस एक्ट मी बदलाव को लेकर कुछ अहम सुझाव दिए हैं इनमें सबसे अहम सुझाव है कि ड्रग्स या किसी तरह के नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव न किया जाए। ऐसा करने से वे इस दलदल में और धंसते चले जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें ड्रग्स जैसी बुरी लत से छुटकारा दिलाया जाए। केंद्रीय मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि कानून में बदलाव के पीछे उसका मकसद यह कतई नहीं है कि जो लोग ड्रग्स या नशीली दवाओं के कारोबार में लगे हैं, उन्हें किसी तरह की मोहलत दी जाए। मंत्रालय का मानना है कि जो लोग इस तरह के कारोबार में लगे हैं, उन्हें और सख्त सजा दी जानी चाहिए। मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक संसद के शीतकालीन सत्र में इससे जुड़ा एक विधेयक लाने की केंद्र सरकार की पूरी योजना है। यह विधेयक राजस्व विभाग की ओर से लाया जाएगा। अगले हफ्ते इसे कैबिनेट में भी भेजे जाने की तैयारी है। इसी बीच, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने बताया है कि मौजूदा समय में देशभर में करीब 600 नशा मुक्ति केंद्र हैं। फिर भी कानून में बदलाव के बाद यदि जरूरत पड़ी तो और भी ऐसे केंद्र खोले जा सकते हैं। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है।  ड्रग्स की गिरफ्त में गंभीर रूप से फंसे लोगों को इस लत से बाहर निकालने के लिए नशा मुक्ति केंद्र खोले गए हैं। यहां इन लोगों को रखने और इलाज करने की व्यवस्था है। सरकार ने ऐसे लोगों की पहचान के लिए देश के 186 जिलों में एम्स दिल्ली के साथ मिलकर एक सर्वे भी कराया था। इनमें सभी राज्यों के नशे के लिहाज से संवेदनशील जिले शामिल थे। बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के बाद आर्थिक राजधानी मुंबई में आए दिन मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो मुंबई रीजनल टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। वहीं दूसरी ओर मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम चप्पे-चप्पे दबिश देकर ड्रग्स माफियाओं को समूल उखाड़ फेंकने की तैयारी में है, ऐसे में पहले जहां ड्रग्स को बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती थी वही अब ड्रग्स का सेवन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जिससे ड्रग्स का सेवन करने वालों में खलबली मच गई। बहरहाल, केंद्र सरकार ने ड्रग्स कानून में संशोधन करने का फैसला किया है, जिससे ड्रग्स का सेवन करने वालों को अब जेल नहीं बल्कि नशा मुक्ति केंद्र भेजा जाएगा ताकि उन्हें सुधारने का मौका मिल सके।

अन्य खबरे