दुनिया की सबसे बड़ी अटल टनल का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन
संवाददाता/in24 न्यूज़.
देश के लिए आज एक बड़ा गौरवपूर्ण दिन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशवासियों को एक और बड़ा तोहफा दिया. पीएम मोदी ने देश के नाम दुनिया की सबसे बड़ी अटल टनल को समर्पित किया. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में मनाली-लेह मार्ग पर बनाई गई 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल का सामरिक महत्व काफी ज्यादा है. अटल टनल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के नाम समर्पित किया. हिमाचल प्रदेश के लोग पिछले दस साल से इस टनल का इंतजार कर रहे थे, जो पीएम मोदी के लोकार्पण के बाद आज खत्म हो गया. पीरपंजाल की पहाड़ी को भेद कर यह टनल 3200 करोड़ की लागत से बनाया गया है. यह टनल दुनिया की सबसे ऊंचाई (10040 फीट) पर बने हाईवे पर बनाई गई है. इस टनल की सबसे खास बात यह है कि इस मार्ग से चीन से सटी सीमा लद्दाख और पाकिस्तान से सटे कारगिल तक अब भारतीय सेना आसानी से पहुंच पाएगी. इसके साथ ही इस टनल के माध्यम से मनाली और लेह के बीच दूरी 46 किमी कम हो गई है. अब मात्र डेढ़ घंटे की दूरी तय कर मनाली से केलांग पहुंचा जा सकता है. इससे पहले पीएम मोदी दिल्ली से सुबह सात बजे चंडीगढ़ एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए थे. इसके बाद चण्डीगढ़ से 7:55 बजे मनाली के सासे हेलीपैड के लिए निकले. फिर वह सुबह 9:10 बजे मनाली पहुंचकर दस बजे उन्होंने अटल टनल का लोकार्पण किया. अटल सुरंग मनाली को पूरे साल लाहौल स्पीति घाटी से जोड़े रखेगी. यह घाटी अभी छह महीने तक भारी बर्फबारी के कारण देश के अन्य हिस्सों से कटी रहती है. हिमालय के पीर पंजाल की पर्वत श्रृंखलाओं के बीच यह सुरंग अत्याधुनिक विशिष्टताओं के साथ समुद्र तल से करीब तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है. अटल टनल का दक्षिणी पोर्टल मनाली से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह सतह से 3060 मीटर की ऊंचाई पर बना है. वहीं उत्तरी पोर्टल 3071 मीटर की ऊंचाई पर लाहौल घाटी में तेलिंग, सीसू गांव के नजदीक पर बना है. घोड़े की नाल के आकार वाली इस दो लेन की सुरंग में आठ मीटर चौड़ी सड़क है. इसकी ऊंचाई 5.525 मीटर है. बता दें कि विकास की बात हो तो अटल टनल भी अब एक नए धरोहर के रूप में अपना योगदान देगा.