कोरोना मामले में केजरीवाल सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार
संवाददाता/in24 न्यूज़.
महाराष्ट्र के बाद देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार को फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस के उपचार को लेकर तथा अस्पतालों में शवों के साथ गलत व्यवहार पर सुनवाई करते हुए कहा कि दिल्ली में शवों के साथ अनुचित व्यवहार हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में कोरोना मरीजों के साथजानवरों से भी बदतर सलूक किया जा रहा है. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि मीडिया में कुछ इस तरह की खबरें आई हैं कि अस्पतालों में कुछ शव कूड़े में मिले हैं. कोर्ट ने खुद इस मामले पर खुद संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम आर शाह की पीठ को सौंपी. केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली तथा इसके अस्पतालों की स्थिति बहुत अफसोसजनक है. गृहमंत्रालय के दिशा-निर्देशों का कोई पालन नहीं हो रहा है. यहां तक कि अस्पतालों में शवों की उचित देखभाल नहीं की जा रही है. कई मरीजों के परिवारों को भी मौतों के बारे में नहीं बताया जा रहा है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आलम यह है कि कुम मामलों में परिवार के लोग अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाए हैं. कोर्ट ने कहा कि मीडिया की रिपोर्टों में दिख रहा है कि दिल्ली के सरकारी अस्पताल में लॉबी और वेटिंग एरिया में शव पड़े हुए हैं. जबकि वार्ड के अंदर ज्यादातर बेड खाली थे. इनमें ऑक्सीजन, सलाइन ड्रिप की भी सुविधा नहीं थी. कोर्ट ने कहा कि जब बड़ी संख्या में बेड खाली हैं, तो मरीज भटकते कैसे फिर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करने के साथ-साथ दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल को भी नोटिस भी जारी किया है. इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया है.