फिर भगवा हुआ गुजरात
सौम्य सिंह/in24 न्यूज़
बेहद दिलचस्प रहा गुजरात विधानसभा चुनाव। जिन मुद्दों और फैक्टर्स पर चुनाव लड़ा गया वो सब बेअसर साबित हो गए। जीएसटी-नोटबंदी समेत पटेल आरक्षण का मुद्दा न तो भाजपा को परास्त करने में नाकाम रहा और न ही कांग्रेस को कोई फायदा दिलाने में। भाजपा अपना गढ़ बचाने में कामयाब रही क्योंकि हार्दिक पटेल फैक्टर इस चुनाव में बेअसर साबित हुआ।
यह माना जा रहा था कि हार्दिक की वजह से भाजपा को ख़ासा नुक्सान झेलना पड़ेगा लेकिन चुनावी नतीजे को देख यह साबित हो गया की भाजपा अपने गढ़ में बेहद मजबूत है। हालांकि सौराष्ट्र-कच्छ को छोड़कर बाकी पूरे गुजरात में पटेलों ने भाजपा का दामन थामा। इस चुनाव में जो मुद्दा गरमाया रहा वो है नोटबंदी और जीएसटी।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को चुनाव प्रचार के दौरान बड़े जोरों शोरों से उठाया लेकिन नतीजे कांग्रेस के हित में नहीं गए। सूरत जो प्रदेश का सबसे बड़ा व्यापरिक केंद्र है वहां कांग्रेस अपना कमाल नहीं दिखा पाई ,जबकि वहीं पर 1 लाख कपड़ा व्यापारियों ने जीएसटी और नोटबंदी के खिलाफ मोर्चा किया था।
पाटीदार समुदाय से अनबन के बीच भाजपा आदिवासी इलाके में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रही, जबकि आदिवासी इलाके कांग्रेस के समर्थन में नज़र आ रहे थे। बहरहाल, चुनावी नतीजे यह स्पष्ट करते है कि भाजपा अपने पुराने प्रदर्शन को कायम रखने में कामयाब रही तो वहीं कांग्रेस ने इस चुनाव में उसे कड़ी टक्कर दी।