हाथरस में निकली पीड़िता की फर्जी रिश्तेदार
संवाददाता/in24 न्यूज़.
फर्जी रिश्तेदार बनकर एक महिला द्वारा हाथरस में पीड़िता के घर में रहने का एक मामला सामने आया है. हालांकि ऐसे भी लोग हैं जो पीड़िता के फर्जी रिश्तेदार बनकर गांव में रह रहे हैं और परिजनों को बरगला रहे हैं। खबरों के मुताबिक़ एक महिला कथित तौर पर खुद को पीड़ित परिवार का रिश्तेदार बताकर काफी समय से वहां रह रही थी। पुलिस का दावा है कि वह महिला पीड़ित परिवार को बरगला रही थी। हालांकि जैसे ही उसकी सच्चाई सामने आने लगी वह चुपचाप वहां से निकल गई। पुलिस के मुताबिक खुद को कथित तौर पर रिश्तेदार बताने वाली महिला जबलपुर मेडिकल कॉलेज में अपने आप को प्रोफेसर बता रही थी। महिला लगातार पीड़ित परिवार को यह भी बता रही थी कि मीडिया और पुलिस को क्या जवाब देना है। बुलगड़ी में सुरक्षा बढ़ाते हुए स्वजनों को सुरक्षा कर्मी देने के साथ घर और आसपास फोर्स बढ़ाते हुए छत पर एक पुलिस कर्मी तैनात कर दिया गया है। रजिस्टर में हर आने व जाने वाले का नाम-पता लिखा जा रहा है। घर में आने-जाने वाले को मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ता है। प्रदेश सरकार की ओर से अब पीड़िता के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। पर्सनल सुरक्षा गार्ड्स के अलावा घर और गांव में पुलिस मौजूद है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे से हर किसी पर नजर रखी जा रही है। हाथरस कांड में एसआईटी ने जांच में तेजी ला दी है। शासन से भेजे गए हाथरस के नोडल अधिकारी डीआईजी शलभ माथुर ने शुक्रवार को पीड़ित परिवार से भेंट करने के साथ हालचाल लिया है। युवती के साथ कथित दुष्कर्म तथा मारपीट के बाद मौत की जांच कर रही एसआईटी ने बुलगड़ी गांव के 40-45 लोगों से इस केस के बारे में पूछताछ की है। शलभ माथुर ने कहा कि यहां आकर उन्होंने इंतजाम का जायजा लिया है। शुक्रवार को एसआईटी की टीम ने शाम तक 40-45 लोगों के बयान दर्ज किए थे। इसके लिए एसआईटी ने गुरुवार को ही गांव के करीब 40-45 लोगों से इस केस के बारे में पूछताछ के लिए नोटिस सौंपा गया था। एसआईटी ने घटना के बारे में पूछताछ करने के साथ ही मृत युवती की जहां पर अंत्येष्ठि की गई थी, उस स्थान को भी देखा। जांच के लिए एसआईटी का दस दिन का समय बढ़ने के बाद एसआईटी जानकारियां जुटाने में लगी हुई है। इससे पहले भी एसआईटी निलंबित एसपी व सीओ से भी पूछताछ कर चुकी है। इसके साथ यहां पर माहौल भड़काने वाली पोस्ट डालने वालों की तलाश की जा रही है। बता दें कि हाथरस की घटना पर देश भर में बहस छिड़ी हुई है.