अब और बढ़ेंगी नवाब मलिक की मुश्किलें

 21 May 2022  52

संवाददाता/in24 न्यूज़.
नवाब मलिक की मुश्किलें और बढ़नेवाली हैं. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक जेल में हैं. उनके खिलाफ स्पेशल कोर्ट ने ईडी के आरोपपत्र पर संज्ञान लिया. कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि नवाब मलिक कुर्ला में गोवावाला कंपाउंड हड़पने में सीधे तौर पर शामिल हैं. विशेष न्यायाधीश राहुल एन रोकाडे ने कहा कि आरोपी नवाब मलिक ने डी-कंपनी के सदस्य यानी हसीना पारकर, सलीम पटेल और सरदार खान के साथ मुनीरा प्लंबर से संबंधित प्रॉपर्टी हड़पने के लिए आपराधिक साजिश रची थी. स्पेशल कोर्ट ने कहा कि नवाब मलिक ने हसीना पारकर और अन्य के साथ मिलीभगत की. इसके बाद संपत्ति हड़प ली, यह प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत किया गया अपराध था. कोर्ट आर्डर में कहा गया है कि अपराध की आय यानी प्रोसिड्स ऑफ क्राइम गैरकानूनी गतिविधियों से ही होता है. एनसीपी नेता और मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ चार्जशीट में ईडी ने दावा किया है कि मलिक, उनके भाई असलम, दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर और 1993 के सीरियल ब्लास्ट के दोषी सरदार खान के बीच गोवावाला कंपाउंड को लेकर कुर्ला में कई दौर की बैठकें हुईं थीं. इसी संबंध में बाद में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया. ईडी ने कहा कि जांच के दौरान कहा कि हसीना पारकर टेरर फंडिंग के लिए कई बड़ी और प्रॉमिनेंट प्रॉपर्टी के अवैध कब्जे में लिप्त थीं. इन्हीं में से एक प्रॉपर्टी गोवावाला कंपाउंड है, जिसके मालिक मुनीरा प्लंबर और मरियम गोवावाला हैं. ईडी की चार्जशीट में कहा गया है कि मलिक और डी कंपनी के सदस्यों ने आपराधिक साजिश रची थी. साथ ही कई प्रॉपर्टी पर कब्जा किया. सरदार खान भी साजिश का हिस्सा था. चार्जशीट में कहा गया है कि शुरुआत में मलिक ने अपने दबदबे और बाहुबल का इस्तेमाल कर कुर्ला जनरल स्टोर पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था. उन्होंने लोगों को गुमराह किया और गोवावाला कंपाउंड में अपनी कंपनी सॉलिडस इन्वेस्टमेंट्स का अधिग्रहण करने के लिए कब्जा कर लिया. ऐसे में समझा जा सकता है कि  किस क़दर मुसीबत में आ सकते हैं.