पाकिस्तान में पहली बार एलओसी पर पहुंचे बाजवा

 04 Aug 2020  61

संवाददाता/in24 न्यूज़.

पाकिस्तान के सेनाप्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा पहली बार एलओसी पर पहुंचकर जानकारी हासिल की. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाये जाने का एक साल पूरा होने पर पाकिस्तान की नियंत्रण रेखा पर भारतीय सशस्त्र बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ईद के बहाने पाकिस्तानी सेना प्रमुख के पहली बार अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जाने के बाद से बॉर्डर पर तैनात जवान पैनी नजरें रखे हुए हैं। पुंछ जिले की कृष्णा घाटी में मंगलवार सुबह हुए संघर्ष विराम उल्लंघन के बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में पाक अधिकृत कश्मीर के तत्तापानी सेक्टर में कई पाकिस्तानी पोस्ट तबाह हो गईं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने ईद के बहाने हीरानगर स्थित भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा का पहली बार दौरा किया और सैनिकों के बीच काफी समय बिताया। उन्होंने पाक अधिकृत कश्मीर के खुरीरत्ता सेक्टर में एलओसी के साथ मोर्चे पर तैनात सैनिकों से भी मुलाक़ात की। आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच बाजवा के अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा की अग्रिम चौकियों पर जाने के बाद भारतीय सेना ने भारतीय सशस्त्र बलों को हाई अलर्ट पर रहने और चौकसी का स्तर बढ़ाने के आदेश दिए हैं। इधर कुछ दिनों से पाकिस्तानी सेना की ओर से हीरानगर में युद्धविराम उल्लंघन की घटनाएं बढ़ी हैं लेकिन भारतीय जवान भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए चौकस हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के एक साल पूरे होने पर प्रदेश में हाई अलर्ट किया गया है। भारतीय सेना के सशस्त्र बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) से नेशनल हाइवे को जोड़ने वाले लिंक रोड पर पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। इसके अलावा आतंरिक सुरक्षा और नेशनल हाइवे पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सेना और बीएसएफ ने एलओसी पर सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस की ओर से नेशनल हाइवे और आतंरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। पाकिस्तान ने कश्मीर राजमार्ग का नाम बदलकर श्रीनगर हाइवे कर दिया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने एक नया गाना 'छोड दो मेरी वादी...' जारी किया है, जिसके घाटी में बजने के बाद डर का माहौल है। भारतीय सेना के प्रवक्ता का कहना है कि राजोरी पुंछ की एलओसी पर पहले से ही सेना हर समय अलर्ट पर रहती है। पांच अगस्त को आतंकी हमले के बारे में कोई विशेष इनपुट तो नहीं है लेकिन एलओसी से घुसपैठ करने की आतंकी काफी कोशिश कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए सेना पूरी तरह से अलर्ट और सक्षम है।  इसके अलावा भी हर स्थिति से सामना के लिए सेना पूरी तरह तैयार है.