पाकिस्तान के मदरसे में ब्लास्ट से सात बच्चों की मौत

 27 Oct 2020  34

संवाददाता/in24 न्यूज़। 
मासूम बच्चे भी पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं हैं। पाकिस्तान के एक मदरसे से बम धमाके की खबर सामने आ रही है. इस ब्लास्ट में 7 मासूम बच्चों की मौत हो गई. इसके अलावा 50 से ज्यादा लोग गंभीर घायल हो गए हैं. मदरसे में धमाके की खबर के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. धमाका पश्चिमी इस्लामाबाद से 170 किमी दूर पेशावर के एक मदरसे में हुआ. एक अधिकारी ने घटना के बाबत बताया कि पेशावर में एक धार्मिक स्कूल में कुरान की कक्षा चल रही थी. इस दौरान एक तेज आवाज करते हुए एक खतरनाक बम धमाका हुआ. इस धमाके में सात मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं धमाके में 50 से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वक़ार अज़ीम ने जानकारी दी कि 60 से ज्यादा बच्चे धमाके के वक्त इस कक्षा में मौजूद थे. पाकिस्तान के एक मदरसे से बम धमाके की खबर सामने आ रही है. इस ब्लास्ट में 7 मासूम बच्चों की मौत हो गई. इसके अलावा 50 से ज्यादा लोग गंभीर घायल हो गए हैं. मदरसे में धमाके की खबर के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. धमाका पश्चिमी इस्लामाबाद से 170 किमी दूर पेशावर के एक मदरसे में हुआ. एक अधिकारी ने घटना के बाबत बताया कि पेशावर में एक धार्मिक स्कूल में कुरान की कक्षा चल रही थी. इस दौरान एक तेज आवाज करते हुए एक खतरनाक बम धमाका हुआ. इस धमाके में सात मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं धमाके में 50 से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वक़ार अज़ीम ने जानकारी दी कि 60 से ज्यादा बच्चे धमाके के वक्त इस कक्षा में मौजूद थे. फिलहाल अभी तक धमाके की जिम्मेदारी किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है. बता दें कि पाकिस्तान में पिछले कई महीनों से शांति छाई हुई थी. इसके बाद ऐसी घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान में सनसनी फैला दी है. कभी पेशावर आतंकी गतिविधियों का गढ़ हुआ करता था लेकिन पिछले कुछ समय से वहां शांति छाई हुई थी. एक अधिकारी ने बताया कि मदरसे के भीतर एक शख्स बैग लेकर घुसा था. जो शख्स बैग लेकर आया था, वह ब्लास्ट के पहले बैग रखकर लेक्चर हॉल से निकल गया. अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर लोगों को लोहे की बॉल बियरिंग्स से चोटें आई हैं. इससे कुछ बच्चे बुरी तरह से जल गए हैं. ब्लास्ट में मारे गए बच्चों को भी बॉल बियरिंग्स ने अधिक चोटें पहुंचाई. अधिकारी ने बताया कि मृतक छात्रों की उम्र 20 वर्ष से 40 वर्ष के बीच की है. घायल होने वालों में शिक्षक और 7 साल की उम्र तक के मासूम छात्र शामिल हैं. बता दें कि अफग़ानिस्तान के उत्तरी-पश्चिमी सीमा से लगने वाले इस इलाके में पहले अकसर जिहादी संगठन निशाना बनाते थे. लेकिन पिछले कुछ सालों में मिलिट्री ऑपरेशन के चलते यहां आतंकी हिंसा में कमी आई थी, मगर इस ब्लास्ट के बाद यह साफ है कि पाकिस्तान अबतक आतंक की आग से उबर नहीं पाया है।