ट्रंप हैं कि हार मानते नहीं

 30 Dec 2020  552

संवाददाता/in24 न्यूज़.
किसी भी चुनाव में परिणाम आने के बाद प्रत्याशी हार हो या जीत उसे स्वीकार करते हैं. मगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी चुनाव में अपने हार मानने को तैयार नहीं हैं। डोनाल्ड ट्रंप लगातार सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग राज्यों के चुनावी नतीजों को चुनौती दे रहे हैं। विस्कॉन्सिन राज्य को लेकर केस खारिज होने के बाद ट्रंप एक बार फिर कोर्ट से सुनवाई की मांग कर रहे हैं। ट्रंप ने अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट से विस्कॉन्सिन राज्य के चुनावी नतीजों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने का अनुरोध किया है। राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में ट्रंप को इस राज्य में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन के हाथों 21 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद ट्रंप के प्रचार अभियान दल ने राज्य के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर डेन और मिलवॉकी काउंटी के 2,21,000 से अधिक मतों को रद्द करने की अपील की थी। इन दोनों काउंटी में डेमोक्रेटिक पार्टी को भारी समर्थन मिला था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इन दोनों काउंटी की मतगणना में हेरफेर किया गया है। हालांकि राज्य के सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। डोनाल्ड ट्रंप अनुपस्थित वोट बैलेट को जल्द ही खत्म करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मतपत्रों के लिए सही तरीके से लिखित अनुरोध नहीं किया गया। अनुपस्थित मतपत्र उन लोगों द्वारा डाले जाते हैं जिन्होंने "अनिश्चित काल तक सीमित" स्थिति का दावा किया है; मैडिसन पार्कों में पोल कार्यकर्ताओं द्वारा अनुपस्थित मतपत्र एकत्र किए गए; और अनुपस्थित मतपत्र जहां क्लर्कों ने मतपत्रों के लिफाफे पर गुम सूचना भर दी थी। राज्य के सुप्रीम कोर्ट ने 4-3 का फैसला सुनाते हुए मुकदमे को खारिज कर दिया। कोर्ट का कहना है कि अनिश्चितकाल तक सीमित वोटरों को ट्रंप की चुनौती योग्यता के बिना थी और बाकी दावे बहुत देर से आए। बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों को पलटने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इन याचिकाओं को डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन और उसके समर्थकों ने दायर की थी। इस मुकदमे में उन्होंने टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन की जीत को कोर्ट में चुनौती दी थी। डोनाल्ड ट्रंप के इससे पहले जॉर्जिया, मिशिगन, पेनसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन में मुकदमे खारिज हो चुके हैं। जिस तरह ट्रंप अपनी हार को स्वीकार करने को तैयार नहीं दिख रहे उसके बाद उनकी आलोचना भी शुरू है, मगर इससे ट्रंप को कोई ख़ास फर्क पड़ता नहीं दिख रहा है.