बीएमसी के खिलाफ कंगना की याचिका पर सुनवाई 22 सितंबर तक टली

 10 Sep 2020  24

संवाददाता/in24 न्यूज़.

बीएमसी के खिलाफ कंगना रनौत की याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट ने 22 सितंबर तक के लिए सुनवाई टाल दी है. एक्ट्रेस कंगना रनौत के मुंबई स्थित ऑफिस में तोड़फोड़ के मामले में बृहनमुंबई म्युनिसिपल कार्पोरेशन की काफी फजीहत हो चुकी है। बता दें बीएमसी द्वारा मुंबई में बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के ऑफिस को ध्वस्त करने के बाद कई संगठन अभिनेत्री के समर्थन में सामने आए हैं। साथ ही हिमाचली मित्र मंडल ने राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) और केंद्र से मामले में हस्तक्षेप करने के लिए संपर्क भी किया है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्रों में बसे हिमाचल प्रदेश के लोगों के शीर्ष संगठन हिमाचल मित्र मंडल (एचएमएम) ने एनसीडब्ल्यू और केंद्र से अनुरोध किया कि वे कंगना रनौत पर महाराष्ट्र की सरकार द्वारा किए जा रहे अत्याचार के मामले में हस्तक्षेप करे और उसे रोके। कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश से ताल्लुक रखती हैं। बीएमसी द्वारा बुधवार को अभिनेत्री के दफ्तर में कथित अनधिकृत निर्माण कार्य और एक्सटेंशन को लेकर उनके बांद्रा स्थित ऑफिस को ध्वस्त करने के बाद ये प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं। अभिनेत्री ने बीएमसी द्वारा ध्वस्त किए गए अपने ऑफिस की तस्वीरें साझा की और उस पर प्रतिक्रिया भी दी थी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने बाद में ऑफिस गिराने के काम पर स्थगन आदेश दे दिया था। एचएमएम दिल्ली की अध्यक्ष चंदकांता ने एक बयान में मुंबई हवाई अड्डे पर शिवसेना के कार्यकतार्ओं द्वारा रनौत की सुरक्षा को खतरे में डालने और शहर में उनके आगमन पर धमकाने को सरकार की 'गुंडागर्दी' बताई और इसकी निंदा की। चंद्रकांता ने मुंबई स्थित प्रवासी हिमाचली कार्यकतार्ओं और संघों को अभिनेत्री के लिए एकजुट होने के लिए कहा। कंगना के संदर्भ में तोड़क कार्रवाई पर सामना में लिखा गया है कि उखाड़ डाला। यानी कंगना की ये लड़ाई जल्द थमने वाली नहीं है