अश्लील आश्रम से प्रकाश झा और बॉबी देयोल पर मामला दर्ज

 14 Nov 2020  28

संवाददाता/in24 न्यूज़.
आजकल वेब सीरीज के नाम पर जबरदस्त अश्लीलता और सेक्स का बेवजह इस्तेमाल करने की होड़ सी मच गई है. अब इसी कड़ी में वेब सीरीज आश्रम चैप्टर 2 इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है. इस सीरीज में सनातन धर्म से जुड़ी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले सीन फिल्माये जाने का आरोप लगाते हुए दीवानी न्यायालय के एक अधिवक्ता ने गुरुवार को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है. इसके साथ ही बॉबी देओल और डायरेक्टर प्रकाश झा के खिलाफ स्थानीय कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया. दरअसल दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने कोर्ट में अधिवक्ता उपेन्द्र विक्रम सिंह के माध्यम से गुरुवार को प्रार्थना पत्र दिया. उन्होंने प्रार्थना पत्र में कहा कि वह सनातन धर्म में गहरी आस्था रखते हैं. बचपन से ही आश्रम और पवित्र हिन्दू ग्रंथों के बारे में जानते और सुनते आए हैं. आश्रम ऋषि मुनियों के रहने का पवित्र स्थान बताया जाता है. सुसंगठित आश्रम संस्था भारतवर्ष की अपनी विशेषता रही है. आश्रम चैप्टर-2 में आश्रम में आस्था के नाम पर भोले भाले लोगों को फंसाया जाना, आस्था, अपराध और राजनीति का गठबंधन, आश्रमों में व्यभिचार और नशे का व्यापार आदि कैसे चलता है. इस संबंध में ट्रेलर रिलीज हो रहा है. बताते चलें कि वेबसीरीज आश्रम में बॉबी देओल ने बाबा निराला काशीपुर वाले के किरदार में नजर आए थे. इस सीरीज में कुल 8 एपिसोड थे. जिसे दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया गया था. इस सीरीज में पूरी कहानी खुलकर सामने नहीं आई थी. इसके पहले पार्ट में सिर्फ भूमिका बनाकर छोड़ दिया गया था. हालांकि अब दूसरे पार्ट में इसके आगे की कहानी दिखाई जाएगी. बॉबी देओल के इस सीरीज के पहले सीजन को दो हफ्तों में 200 मिलियन यानि 20 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका था.आश्रम की कहानी एक ढोंगी बाबा निराला के आश्रम के इर्द-गिर्द घूमती है. इस सीरीज में दिखाया गया है कि बाबा के भक्तों की लाखों में फौज है.जो बाबा पर आंख बंद कर भरोसा करती है. इस वेब सीरीज की रिलीज के साथ ही इसके दूसरे सीजन की मांग उठने लगी थी. इस वेब सीरीज का पहला सीजन ऐसे मोड़ पर आकर खत्म हुआ था. जहां दर्शकों के मन में जिज्ञासा चरम पर पहुंच गई थी. आश्रम में निराला बाबा के किरदार में बॉबी देओल शानदार नजर आए हैं. इस किरदार को उन्होंने बखूबी निभाया है, जब्कि आश्रम के संवाद लेखक संजय मासूम हैं. बता दें कि आश्रम किसी भी सूरत में परिवार के साथ देखने लायक नहीं है.