टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया का सिडनी टेस्ट हुआ ड्रॉ

 11 Jan 2021  348

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर सीरीज का तीसरा मुकाबला जो खेला गया, वो ड्रॉ रहा. टीम इंडिया चोटिल खिलाड़ियों से जूझ रही थी और उसके बाद भी वो इस मैच को ड्रा करवाने में सफल रही. टीम इंडिया के लिए टी ब्रेक से पहले आर अश्विन और हनुमा विहारी क्रीज पर थे और उन्होंने कोई विकेट नहीं गंवाई. हनुमा विहारी को इस मैच में रन लेने के दौरान हैमस्ट्रिंग हुई, लेकिन उसके बाद भी वो क्रीज पर डटे रहे और बल्लेबाजी करते रहे. टीम इंडिया के लिए इस मैच में मुश्किलें कम नहीं थी, क्योंकि जडेजा भी चोटिल थे. ऐसे में अश्विन और विहारी को जोड़ी ने जबरदस्त संघर्ष दिखाया. इस मैच के ड्रा के साथ ही सीरीज 1-1 की बराबरी पर रूकी हुई है और सीरीज का आखिरी मुकाबले में जो टीम जीतेगी सीरीज उसके नाम होगी. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने 2 विकेट के नुकसान पर 98 रन बना लिए थे. पहले दिन रोहित शर्मा 52 रन बना पाने में सफल हुए तो गिल ने 31 रनों की पारी खेली. इसके बाद सिडनी टेस्ट के दिन पांचवें दिन 98/2 के स्कोर से आगे खेलने उतरी टीम इंडिया की शुरूआत अच्छी नहीं रही. टीम को दिन की शुरूआत में ही रहाणे के रूप में पहला झटका लगा. इसके बाद माना जा रहा था कि हनुमा विहारी बल्लेबाजी के लिए आएंगे. लेकिन टीम मैनेजमेंट ने पंत को भेजने का फैसला लिया. वहीं ऋषभ पंत ने आते ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी शुरू की. उन्होंने पुजारा के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 148 रनों की साझेदारी की. ऋषभ पंत जब बल्लेबाजी कर रहे थे तो एकदफा ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया इस मैच को जीत जाएगी. लेकिन पंत जब 97 रनों पर खेल रहे थे, तब उन्हें नाथन लायन ने अपना शिकार बनाया. इसके बाद क्रीज पर आए हनुमा विहारी. हनुमा विहारी शुरूआत में ही जब रन लेने के लिए भागे थे तो उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था. इसके बाद उन्हें रन भागने में तकलीफ हो रही थी. लेकिन फिर भी उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा. इसके बाद पुजारा 77 रनों पर हेजलवुड का शिकार बने. इसके बाद क्रीज पर आए अश्विन. अश्विन जब शुरूआत में बल्लेबाजी को आए तो टी ब्रेक में कुछ ही समय बचा था. ऐसे में टिम पेन ने ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों को दोनों छोर से लगाया. इस दौरान अश्विन के शरीर पर गेंदें लगती गई, लेकिन वो क्रीड पर खड़े रहे. टी-ब्रेक के बाद जब दोनों खिलाड़ी वापस आए तब भी शुरूआत में अश्विन को गेंद लगती गई. लेकिन वो डटे रहे और विहारी के साथ मिलकर उन्होंने मैच को ड्रा करवाया. ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी की शुरूआत अच्छी नहीं रही और विल पुकोवस्की 10 रनों के निजी स्कोर पर सिराज का शिकार बने. इसके बाद टीम का स्कोर जब 35रन था तो वार्नर को अश्विन ने पगबाधा आउट कर पवेलियन की राह दिखाई. हालांकि, इसके बाद मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ ने टीम की पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की. लाबुशेन 73 रनों के स्कोर पर सैनी का शिकार बने. उनके आउट होने के बाद क्रीज पर आए मैथ्यू वेड 4रन बनाकर आउट हुए. वहीं स्मिथ जब 81 रनों पर खेल रहे थे, तब अश्विन ने उन्हें पगबाधा आउट कर पवेलियन की राह दिखाई. इसके बाद क्रीज पर आए कैमरून ग्रीन ने कप्तान टिम पेन के साथ मिलकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया. ग्रीन 84 रन बनाकर आउट हुए. उनके आउट होते ही ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी. पहली पारी पर मिली बढ़त के आधार पर टीम इंडिया को इस मैच में जीत के लिए 407 रनों का टारगेट मिला था. इस मैच के दूसरे दिन टी ब्रेक के बाद टीम इंडिया के लिए रोहित शर्मा और शुभमन गिल पारी की शुरूआत करने आए थे. दोनों ने टीम को अच्छी शुरूआत दिलाई थी. टीम ने 85 रन बना लिए थे और उसके दो विकेट ही गिरे थे. लेकिन इसके बाद टीम मुश्किल में फंसती चली गई. रहाणे 22 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद हनुमा विहारी 4 रन पर रन आउट हुए. लेकिन इसके बाद पंत ने पुजारा के साथ साझेदारी करने की कोशिश की. पंत पहली पारी में 36 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद पुजारा भी अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद आउट हुए. हालांकि, अंत में आकर जडेजा ने तेजी से 28 रन जरूर बनाए और टीम इंडिया पहली पारी में 244 रन बनाने में सफल हुई. सिडनी टेस्ट के पहले दिन टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम की शुरूआत अच्छी नहीं रही. टीम को 6 रनों के स्कोर पर वार्नर के रूप में झटका लगा. हालांकि, इसके बाद विल पुकोवस्की ने मार्नस लाबुशेन के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की. अपना पहला मुकाबला खेल रहे पुकोवस्की अर्धशतक बनाकर आउट हुए. इसके बाद क्रीज पर आए स्मिथ ने लाबुशेन के साथ मिलकर टीम की पारी को आगे बढ़ाया. स्मिथ और लाबुशेन के बीच भी शतकीय साझेदारी हुई. लाबुशेन 91 रन बनाकर आउट हुए. लेकिन स्मिथ ने इस सीरीज का अपना पहला शतक पूरा किया. लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जबरदस्त वापसी की और ऑस्ट्रेलिया को 338 रनों पर समेट दिया. बता दें कि टीम इंडिया का प्रदर्शन हर लिहाज से बेहतर रहा.